मैं तुम्हारा रहूगी हमेशा
पहली नजर से तू इस दिल में बस गया है
न जाने इस दिल को तू क्या कर गया है|
कुछ जादू सा है इन निगाहो में तेरी
जब से देखा है ये दिल तुझे ये दिल तेरा बन गया है
एक झलक से तेरी मेरा दिन बन जाता है
न देख सकू तुझे तो दिन अधूरा सा जाता है
बात जब होती है तुझसे मैं खुद को भूल जाती हु
बस एक धड़कन सी धरक्ति है
मैं इस दिल को भूल जाती हु
आज भी याद है मुझे बात जब हुयी थी तुझसे
वो लम्हा क्या कमाल था
जब किया इजहार तूने इसक का
वो तो दिन ही बेमिशाल था
तू इजहार करेगा ये मैंने सोचा नहीं था
दिल सोचने लगा ये हकीकत ही थी न
कोई सपना तो नहीं था
तेरी बाते मुझे अच्छी लगने लगी
तेरी साथ ज़िंदगी थोड़ी अच्छी कटने लगी
जो दर्द थे पुराने वो कहि खो सी गयी
तुम ज़िंदगी में क्या आयी मेरी जान
हम तो तुममे खो सी गए
तू रहेगा या नहीं मेरा ये तो मैं नहीं कह सकती
पर मैं रहूगी तेरी आखड़ी पल तक
अब मेरी जान मैं फैक्ट तो नहीं बदल सकता
तुझे बाते करते हुए मैं कहि खो से जाती हु
तेरे बारे में सोचते हुए मैं बिना बात ही मुस्कुराती हु
मैं तो अक्सर यही कहती हु मैं तुझसे प्यार करती हु
मगर तुम जब ये कहते हो न मैं दुनिया भूल जाती हु
तुझे खोने के ख्याल से ही मुझे दर लगने लगता है
दूर जितना होती हु तुझसे तू उतना पास से लगता है
अब कैसे बताऊं तुझे की कितना खास है तू
तू मेरा इसक नहीं मेरी जान है तू.
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एक लड़का है जो मुझे मुझसे ज्यादा जनता है…
एक लड़का है जो मुझे मुझसे ज्यादा जनता है….
जो बाते मैं खुद को समझा नहीं सकती
वो उन्हें भी समझ जाता है
एक लड़का है जो मुझे मुझसे ज्यादा जनता है
यु तो हर बात पे सवाल उठता है
पर मेरे हर सवाल का जबाब सा हो जाता है
डरता बहुत है न जाने वो किस बात से
भरा है जाने कितने ज़ज़्बात से.
मेरे आँखों को देखने का नया नजरया देता है
मेरे मंजिल के लिए एक जरिया सा होता है
यु तो बे परवाह सी हु मैं
पर जाने क्यों दिल उसकी परवाह कर जाता है
एक लड़का है जो मुझे मुझसे ज्यादा जनता है.
मैं बात न करू तो चिरचिराता है करू तो खिल सा जाता है
नाराज हु तो मनाता है कभी बेवजह इतराता है
कभी वेवजह मुझे सताता है
दीवानगी में अपनी रोज मेरा नाम लिख जाता है
जब सहर घूम के आता है
तो बारी बारी मुझे साडी कहानिया सुनाता है
जब हंसती हु मैं मुझपर दुनिया बार जाता है
एक लड़का है जो मुझे मुझसे ज्यादा जानता है
जब नहीं समझती उसे वो समझाता है
न मालुम हो कोई बात वो बतलाता है
जिस्मानी इसक की दुनिया में
वो कुछ रूहानी सा हो जाता है
मेरे हर सवाल का जबाब कभी बातो तो
कभी खामोशियो से मिल जाता है।
कुछ मेरे घर सा होकर कुछ मेरे रह जाता है
एक लड़का है जो मुझे मुझसे ज्यादा जानता है
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मेरी जान
क्या तारीफ करू उसकी
वो तो आसमा का चाँद है
मैं जिसके लिए लिखता हु
वो कोई और नहीं मेरी जान है
मेरे हर किस्से में है वो
मेरे ज़ुबान पे हर वक्तउसी का नाम है
ये दिल उसी के लिए धरकता है
बस उसे चाहना मेरा काम है
थोड़ी जाली है वो थोड़ी नादान है
बस एक लड़की नहीं है वो पूरा जहान है
उसे खुश देखकर मेरा पूरा दिन बनता है
बहुत प्यारी उसकी मुस्कान है
उसके गालो के वे डिम्पल
उनमे ही तो बस्ती मेरी जान है
उसकी वो प्यारी आवाज़
जिसे सुनकर लगता है सुनता ही रहु
कितनी मिठास है उसकी बोली में
बस वो बोलती रही और मैं कुछ न कहु
उसकी वो नशीली आँखे
जिनमे खोने का दिल करता है
और उसकी सबसे खूबसूरत
उसके थोड़ी का वो तिल लगता है
वो तो बस एक तिल नहीं
वो तो बस एक नजर का टिका है
जो रब ने खुद लगाया है उसे
उसने भी सोचा होगा कितने खूबसूरत है
कहि नजर न लग जाय इसलिए
पर अपनी खूबसूरती पर
वो कभी गुमान नहीं करती
बहुत साफ़ दिल है उसका
मुझे पूछे बिना कुछ काम नहीं करती
इतनी खास होकर भी
वो एक आम लड़के पर मरती है
मैं बहुत खुस किस्मत हु जो
वो मुझसे प्यार करती है
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तुम हमेशा बस मुस्कुराते रहा करो
सुनो न तुम हमेशा बस मुस्कुराते रहा करो
पता नहीं पर क्यों तुम्हे मुस्कुराते देखने में
एक सुकून है छाए दिन कैसा भी जा रहा हो
ऐसा लगता है की बस एक मुस्कराहट से
बस कुछ बहुत अच्छा लगने लगता है तुम्हे
मुस्कुराता देख मैं ये भी भूल जाता हु की
मैं परेशान किस बात से था टेंसन की
बात की थी और सच खु तो तुम मुस्कराते
हुए बहुत बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लगते हो
मतलब दिन बन जाता है तुम्हे देख कर
तुम एक वो सक्स हो जो सिर्फ अपनी
मुस्कराहट से घायल कर सकता है लोगो को
जैसे मैं हु तुम्हारे लिए घायल
तुम्हारी दोस्ती में घायल तुमसे जुदा हर रिश्ते में
आई लव यु सो मच मेरी मेरी जान
तुम हमेसा मुस्कुराते रहो।
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बाते बेइंतिहा मोहब्बत की
हम तो बेइंतिहा मोहब्बत करते थे न
एक दूसरे से ज़िंदगी भर का साथ निभाने का वादा किया था हमने
वो बेइंतिहा मोहब्बत आज नफरत में क्यों बदल गयी,
ज़िंदगी भर साथ निभाने का वादा आज आधी ज़िंदगी में कैसे छूट गयी ,
हम तो दो जिस्म एक जान थे तो ये जान आज अलग अलग कैसे हो गयी
हमने तो वादा किया था की हमारे बीच कोई नहीं आएगा
तो आज मेरे जगह में कोई और कैसे ….
जब हमारी मुलाकात होती थी तो हमारी चेहरे में वो रौनक
तुम्हारी होठो पे वो प्यारी सी मुस्कान
तुम्हारी चमकती आँखों में मेरे लिए प्यार
आज सबकुछ बदल सा गया है
न ही होठो पे वो प्यारी सी मुस्कान है
और न ही तुम्हारी आँखों में मेरे लिए प्यार है
हम तो बेइंतिहा मोहब्बत करते थे न एक दूसरे से
वो बेइंतिहा मोहब्बत आज नफरत में कैसे बदल गयी
2 Line Love Poetry In Hindi
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आंखे ना पढ़ सके तुम
जब जा रहे थे तुम,
सौ बार धड़कनों से,
टोका भी था तुम्हे।
ये लब ही तो सीले थे,
बेताब सिसकियों से,
रोका भी था तुम्हे।
थी बेडिया बहुत पर,
दर दर के चौखटों पर,
सजदे भी थे किए।
अपनो में रह रहे थे,
चुपचाप बेखबर से,
गैरो के से जिए।
हां!मोम के ही तो थे,
ना जाने क्यों जहन में,
मुझको न गढ़ सके तुम?
अब सोचती हूं आखिर,
मुझको पढ़ोगे कैसे,
आंखे ना पढ़ सके तुम।
32
पहल जिंदगी की
जहा मैं हू बहुत खुश हु
अब अकेलापन महसूस नहीं होता
ना ही अंधेरे से डर लगता है
और ना नही अकेले रहने से डर लगता है
अब न किसी को पाने की ख्वाहिश
और ना ही किसी को खोने का डर
अब मैं हूं
मेरी जिंदगी
और मेरा सफर
33
एक सवाल है मन में
एक सवाल है मन में,
कहो, क्या उसका जवाब दोगे तुम।
मैं बेकरार हूं तुम्हारे लिए,
क्या बाहों में भरके,
दिल को करार दोगे तुम।
मैं चाहता हु की तुम,
हर कदम पर मेरा साथ दो,
कहो जिंदगी के इस सफर में,
मेरे हमसफर बनोगे तुम।
कहो क्या आज
इन सब सवालों का
जवाब दोगे तुम?
34
गुलजार की बाते
लौट के फिर से आए हो….?
तुम तो चले गए थे ना…।
हाल फिर से पुछा है…?
पर हम तो बिछड़ गए थे ना…।
ये सांवली रंगत हुई है कैसे…?
तुम तो निखर गए थे ना…
मेरे हो ये कहते हो…?
पर तुम तो मुखर गए थे ना…।
क्या फायदा पछतावे का..?
हम तो निखर गए थे ना…।
35
जिंदगी
कभी लगता है इस जिंदगी में
खुशियां बेशुमार है, तो कभी लगता है
जिंदगी ही बेकार है।
कभी लागत है लोगो में बहुत प्यार है
तो कभी लागत है रिस में सिर्फ दरार है।
कभी लागत है हम भी जिंदगी जीने
के लिए बेकार है।
तो कभी कभी लगता है हमे सिर्फ मौत का इंतजार है।
36
इश्क में बर्बाद जवानी
एक सुखा फूल एक किताब पुरानी,
काफी है लाने को आंखों में पानी।
बरसो बीते मगर सब ताजा लगता है,
ले आई हमे जाने कहा हमारी रवानी।
और भी काम है करने को जमाने में,
मत करना तू इश्क में बर्बाद जवानी।
सुकून पाने को एक आंचल काफी है।
बेचैनी के लिए है कई ख्वाब आसमानी।
37
सबके हिस्से में नहीं आता
ये जमीं ,ये असमान
ये खुशी,ये मुस्कान
रोटी, कपड़ा और मकान
सबके हिस्से में नहीं आता।
ये इतबार,ये प्यार
ये आंसू , ये इंतजार
सुकून भरा एक इतवार
सबके हिस्से में नहीं आता।
ये मंजिल ये रास्ता, ये सफर
ये रात, ये शाम, ये सहर
हाथ पकड़ के चले, वो हमसफर
सबके हिस्से में नहीं आता।
बेसक ये किसी कहानी
किसी किस्से में नहीं आता,
की जिंदगी मिलती है , मगर जीना
सबके हिस्से में नहीं आता।
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